बृहस्पति देव की आरती

Short information

  • Brihaspati God is considered to be the god of wisdom and education. By worshiping Brihaspati Dev on Thursday, wealth, education, son and desire of the desired result are realized. There is happiness and peace in the family.
  • Timings : Shri banke  Aarti at 5:15 AM (Morning) and at 7:15 PM (Evening)

जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

तुम पुरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

सकल मनोरथ दायक, सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटाओ, संतन सुखकारी ॥
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
जेठानंद आनंदकर, सो निश्चय पावे ॥

सब बोलो विष्णु भगवान की जय!
बोलो बृहस्पतिदेव भगवान की जय!!
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।

Read in English...

बृहस्पति देव की आरती बारे में

वेब के आसपास से

    We use cookies in this webiste to support its technical features, analyze its performance and enhance your user experience. To find out more please read our privacy policy.